भारत पर मिलकर हमला करेंगे चीन और पाकिस्तान

बीजिंग
मिल्लत टाइम्स
३०/०८/२०१६

बीजिंग : चीन के एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हाल में बलूचिस्तान पर दिए गए बयान से चीन काफी परेशान है।

उन्होंने कहा कि अगर भारत की वजह से चीन के पाक के साथ बन रहे 46 अरब अमेरिकी डॉलर के आर्थिक कॉरिडोर को कोई नुकसान होता है तो चीन और पाकिस्तान संयुक्त कदम उठाएंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने बलूचिस्तान पर मोदी के बयान पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

दक्षिण एशिया विशेषज्ञ हू शिशेंग ने कहा, मेरी निजी राय यह है कि यदि भारत अडिय़ल रवैया अपनाता है तो यह चीन-भारत और भारत-पाकिस्तान संबंधों के लिए परेशानी बन जाएगी। इस स्थिति में भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान एकजुट हो जाएंगे। यह मुद्दा भारत और चीन के लिए तिब्बत मुद्दे से भी बड़ा हो सकता है। चीन को डर है कि अशांत बलूचिस्तान प्रांत में भारत कहीं पाकिस्तान विरोधी तत्वों को उकसा न दे और इस कारण चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना खटाई में न पड़ जाए। वह बोले, अगर ऐसा होता है और इससे चीन की सीपीईसी परियोजना खतरे में पड़ती है तो बीजिंग चुप नहीं बैठेगा। वह भी बलूचिस्तान मामले में कूद पड़ेगा। सीपीईसी परियोजना के जरिये चीन के शिनजियांग प्रांत को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह (बलूचिस्तान) से जोड़ा जाएगा।

चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में मोदी पर यह आरोप भी लगाया गया कि वह बलूचिस्‍तान और पीओके का मामला इसलिए उठा रहे हैं ताकि कश्‍मीर के तनावपूर्ण माहौल से लोगों का ध्‍यान हटाया जा सके।
‘मोदी के उकसावे वाली कार्रवाई से भारत पर बढ़ता खतरा’ नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया, ‘भारत-पाकिस्‍तान के रिश्‍तों को फिर से जीवंत बनाने की अन‍िच्‍छुक कोशिशों के बाद, बतौर प्रधानमंत्री तीसरे साल में प्रवेश कर चुके नरेंद्र मोदी ने सब्र खो दिया है और उन्‍होंने बैर के पूर्वानुमानित कट्टर लहजे को अपना लिया है।’ पीओके के आतंकवाद से पीड़‍ित लोगों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने के मोदी सरकार के संभावित कदम को रिपोर्ट में उकसावे वाली कार्रवाई बताया गया और कहा गया, ‘इससे भी ज्‍यादा अहम यह है कि पाकिस्‍तान की तरफ के कश्‍मीरी इस मुआवजे का दावा कर सकते हैं। सिर्फ यही उकसावे वाली कार्रवाई नहीं है। 15 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस पर उनका (मोदी का) भाषण भी ऐसा ही एक कदम था।’

आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की बुरी स्थिति पर चिंता जाहिर की थी।

SOurce – http://liveindia.live/