August 22, 2017

खिलाफते उस्मानिया(Ottoman Empire) : उरूज़(rise) और जवाल(fall) Part-1

कायम(Established) : 27 जुलाई , 1299

संस्थापक(Founder): उस्मान गाज़ी(Osman Gazi)

खिलाफते उसमानिया , इतिहास में सबसे बड़ा और सबसे लंबे समय तक चलने वाला स्थायी साम्राज्यों के रूप में पहचाना और माना जाता है जो इस्लाम और इस्लामी संस्थाओं (Islam and Islam institutions) द्वारा प्रेरित एक निरंतर सल्तनत था

BY : M.s. Rana

आजकल मुस्लिम दुनिया में तुर्की(Turkey) के बदलते हालातों पर मुसलमानों की गहरी नज़र है और हमारे कुछ फेसबूक दोस्त भी वहां के हालात के बारे में बराबर चर्चा कर रहे हैं… तो मैंने सोचा कि खिलाफते उसमानिया जिसे उर्दू में सल्तनत-ए-उस्मानिया, कहते है ,के बारे में अपनी मालूमात की हद तक जो भी जानकारी मेरे पास है… उसे अपने दोस्तों से शेयर करूं… इसी मकसद से यह पोस्ट सीरीज़ डाल रहा हूँ …!! 

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1258 ई0 में खिलाफते अब्बासिया का तातारियों के हाथों कत्लेआम के साथ खातमा हुआ और आखिरी अब्बासी खलीफा मुस्तअसिम बिल्लाह को जानवर की खाल में लपेट कर घोडे दौड़ा कर कुचल दिया गया…!!

है अयां फितना ए तातार के अफसाने से..
पासबां मिल गए काबे को सनम खाने से..!!

बाद में यही तातारी कौम मुसलमान हो गई और तुर्क नस्ल के नाम से मशहूर हुई… इन्हीं तुर्को में फिर तीन शाही खानदान अलग-अलग इलाकों में हुकूमत पजीर हुए…
1.. तुर्काने तैमूरी… जिसकी नस्ल में बाबर पैदा हुआ और भारत में मुगल साम्राज्य की बुनियाद डाली।
2.. तुर्काने सफवी… जिसकी हुकूमत ईरान में क़ायम हुई
3.. तुर्काने सलजूकी… इस खानदान की बहुत मजबूत हुकूमत तुर्की के इलाके में…इस्ताम्बूल (कुस्तुनतुनिया ) को छोड़कर.. आसपास क़ायम हुई..!!

वक्त के साथ साथ सलजूकी हुकूमत जब कमजोर होने लगी तो कई छोटी छोटी रियासतों में बंट गई… आसपास मौजूद छोटे सुल्तान… सलजूकी सुल्तान पर हमले करने लगे…. और सन् 1300 ई0 तक सेल्जुकों का पतन हो गया था…!!
इन्ही रियासतों में मगरिबी अनातोलिया की छोटी सी रियासत में अल तुगरल बेग नाम का एक तुर्क सुल्तान था…!!
एक बार जब वो एशिया माइनर की तरफ़ कूच कर रहा था तो रास्ते में एक जगह पर दो छोटी फौजों को जंग करते हुए देखा… जिसमें से एक तरफ की फौज शिकस्त के करीब थी… उसने अपनी चार सौ घुड़सवारों की सेना को किस्मत की कसौटी पर आजमाया.. उसने हारते हुए पक्ष का साथ दिया और लडाई जीत ली… उसने जिनका साथ दिया वे सल्जूक थे…!!

सल्जूक सुल्तान ने अल तुगरल बेग के बेटे को तोहफा बतौर अपनी बेटी निकाह में दी.. उसके बाद सल्जूकी सल्तनत का बाकी बचा हिस्सा भी तुगरल बेग की सुल्तानी में आ गया…यह सन 1288 का वाकया है…!!

तुगरल बेग के बाद उसका बेटा उसमान बेग सुल्तान बना और उसने 1299 में उस्मानी साम्राज्य की बुनियाद रखी .. इसी को अंग्रेजी में ऑटोमन, Ottoman Empire कहा जाता है..!!

पन्द्रहवीं और सोलवी सदी में उस्मानी साम्राज्य का विस्तार हुआ…उस दौरान यूरोप और एशिया के बीच के तिजारती रास्तो पर कंट्रोल की वजह से यह सल्तनत और मजबूत होती गई..!!

1453 ई0 में उस्मानी सुल्तान मुहम्मद फातेह ने कुस्तुनतुनिया का मुहासरा किया और कुछ दिनों की लडाई के बाद कुस्तुनतुनिया ( इस्ताम्बूल ) फतह कर लिया जो कि बाजनतीनी सल्तनत का दारुल खिलाफा चला आ रहा था….!!

यहां एक बात क़ाबिले गौर है कि… बाजनतीनी सल्तनत में रोमन कैथोलिक और ग्रीक ओर्थोडाक्स के फिरकों में बहुत सालों से फिरकेवाराना लडाई होती आ रही थी… रोमन कैथोलिक… ग्रीक ओर्थोडाक्स पर हावी रहते थे… जब सुल्तान मुहम्मद फातेह ने बाजनतीनी सल्तनत पर हमला किया तो ग्रीक ओर्थोडाक्स ने मुसलमानों का साथ दिया था… इसलिए सुल्तान ने ग्रीक चर्च को मज़हबी मामलात में ओटोनोमी दी…. बदले में चर्च ने उस्मानी सल्तनत की बरतरी कुबूल कर ली..!!

वक्त के साथ साथ यह सल्तनत और फैलती चली गयी…
सुल्तान सलीम (1512 – 1520) ने मशरिकी और जनूबी मोर्चों पर चल्द्रान की लड़ाई में फारस के सफवी खानदान के शाह इस्माइल को हराया..और इसके बाद उसने मिस्र में उस्मानी सल्तनत की तौसीअ की….!!

फिर वो वक्त भी आया जब उसमानी सल्तनत बढते हुए बगदाद और हिजाज तक फैल गयी…तब जाकर सन 1520 ई0 में… उसमानी सल्तनत.. खिलाफते उसमानिया में तब्दील हो गई…!!

अगले हिस्से में… खिलाफते उसमानिया के जवाल के आखिरी दौर के बारे में तजकिरा किया जाएगा…इन्शाल्लाह

Sources: https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1087255251390145&id=100003170414988&hc_location=ufi

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