September 22, 2017

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बर्मा और औरंगज़ेब आलमग़ीर(र.अ) के विरासत

बात 1665 की है जब पुर्तागालियों और बर्मा के बादशाह ने मिलकर कुछ मुसलमानो का क़त्ल अराकान में कर दिया था तब महान मुग़ल शहंशाह औरंगज़ेब आलमग़ीर(र.अ) ने इस क़त्ले आम का बदला लेने के लिए बर्मा पर हमला कर दिया था… जिसमे 6,500 सिपाही की एक मज़बुत टुकड़ी और 288 बैहरी जहाज़ो ने हिस्सा लिया था.

आज हज़ारो की तादाद में रोहंग्या मुसलमानो का क़त्ल अराकान (म्यान्मार) में किसा जा रहा है.. सारि दुनिया ख़ामोश है.. और 56 मुसलिम मुमालिक भी 🙁

जब रोहिंग्याओं पर इतने मज़ालिम के बाद भी मुस्लिम देश बर्मा पर रत्ती भर प्रेशर नहीं डाल पाए और न ही कोई कोशिश कर पाए के कमसेकम रोहिंग्या रेफ्यूजीस के लिए ही मुस्लिम मुल्क अपने दरवाज़े खोल लें. हकीकत ये है कि बंगलादेश में हिन्दू उत्पीडन पर सेक्युलर भारत खुल कर बोलता है मगर भारत में गुजरात जैसे नरसंहार के बाद भी पूरी इस्लामी दुनिया खामोश रहती है. अपने सेकुलरिज्म का ये हाल है कि इंसान घर में क्या खा रहा है उस पर उसका क़त्ल हो जाता है मगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय खामोश रहता है. दर-असल, ये ‘उम्मा’ या ‘इस्लामी दुनिया’ वगैरा की बात बिलकुल हवा-हवाई है.

याद रहे 1492 मे इसाईयो ने स्पेन के मुसलमानो पर तरह तरह के ज़ुल्म किये और ख़ुब क़त्ले आम किया और ये फ़रमान सुना दिया के मज़हब बदल इसाई बनो या फिर मुल्क को छोड़ कर चले जाओ. मज़हब न बदलने पर उन्हें नौकरी से हटाने, सामाजिक विलगाव, मुल्क बदर , प्रताड़ना और जान से मारने तक का सिलसिला शुरु हुआ. कई हज़ार मुसलमान क़तल कर दिये गए लाखो की तादाद मे मुसलमानो को तलवार को ज़ोर पर मुसलमान से इसाई बनाया गया……

ईयाइयों के हमले का शिकार सिर्फ़ मुसलमान ही नही हुए बलके मुसलमानो के ज़ेरे हिफ़ाज़त रहने वाले यहुदी भी ईसाई हिंसा का शिकार हुए आख़िर मुसलमानो और यहुदियों ने हिजरत करने को सोची पर जब पुरी दुनिया ने उनकी एक नही सुनी तब……

मुसलमानो और यहुदीयों को स्पेन से इसाईयों मार बाहर निकाल दिया था तब अपने ऊरुज पर मौजुद सलतनत उस्मानीया ने भी स्पेन पर हमला नही किया था, पर हां

सलतनत उस्मानिया के सुलतान बायज़ीद ने स्पेन से भगाए गए यहुदियोँ और मुसलमानो को पुरी इज़्ज़त के साथ अपने सलतनत मेँ रहने के लिए जगह फ़राहम की थी, स्पेन से मुहाजिरोँ को लाने के लिए एडमिरल कमाल रईस के क़ियादत एक पुरा बैहरी बेड़ा स्पेन के साहिल पर भेज दिया था. लाखो की तादाद मे लोगो को वहां से लाया गया और सलतनत उस्मानिया मे रहने के लिए जगह फ़्राहम की गई……. मुसलमानो के द्वारा स्पेन से ज़िन्दा बचा कर लाए गए यहुदीयों की तादाद 1.5 लाख थी……

सुलतान बायज़ीद का मानना था की अल्लाह ने उसे हज़रत इब्राहीम (अ.स.) और हज़रत याक़ुब (अ.स.) के क़ौम की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी सौपी है. इस बात का तज़किरा सुलतान बायज़ीद ने यहुदियों को ख़िताब करते हुए किया था…..

in 1665 CE, When the Mughal ruler of India, #Aurangzeb Alamgir (RA), heard that the Mūshrikeen of Burma (Modern day Myanmar) have killed some Arakan Muslims, he immediately sent a 6,500 strong army, which was further supported by 288 Mughal naval ships to invade Burma.

REFERENCE : https://en.wikipedia.org/wiki/Military_history_of_Myanmar

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