October 19, 2017

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बिहार में भाजपा की सरकार बनने के बाद मौलाना वली रहमानी के नेतृत्व में मुसलमानों की पहली प्रतिनिधि बैठक, उलेमा, दानशोरान और पत्रकार सहित सभी मसलक की शख्सीयत ने शिरकत की, कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों के संदर्भ में मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए सहमति

फुलवारी शरीफ (मिल्लत टाइम्स)

इमारत शरिया बिहार ओड़ीशा एवं झारखंड फुलवारी शरीफ पटना के कान्फ्रेंस हाल में विभिन्न धार्मिक सामाजिक संस्थाओं के जिम्म्दारों, बुद्दिजीवियों, वकीलों एवं पत्रकारों की एक मीटिंग अमीरे शरीअत हज़रत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी साहब की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में अपने मुख्य भाषण में अमीर-ए- शरीयत ने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की वर्तमान स्थिति में कानून एवं संविधान के दायरे में रहते हुए समझ बूझ के साथ काम करने की आवश्यक्ता है ताकि असमाजिक तत्वों एवं सांप्रदायिक लोगों को माहौल को खराब करने का अवसर न मिल सके । अमीरे शरियत ने सभी मेहमानों का शुक्रया अदा करते हुए सभी लोगों के सुझावों को सराहा और कहा कि इस मीटिंग में बहुत ही बहुमूल्य सुझाव दिये गए हैं उन पर अमल किया जाएगा । और मुसलमानों के मामलों को ले कर सभी संस्थाओं के जिम्मेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य मंत्री बिहार एवं केंद्र सरकार से बात करेगा । अमीर-ए- शरीयत ने यह भी कहा कि बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संस्थाओं के जिम्मेदारों की मीटिंग समय समय पर की जाएगी । इमारत शरीय के महा सचिव मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने मीटिंग का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस समय देश की परिस्थिती चिंता जनक है । इस लिए हम सब को मिल जुल कर उस से निमटने की आवश्यकता है । उनहों ने कहा कि मदरसों की हिफाज़त वक्फ जायदाद के संरक्षण के लिए मुस्लिम प्रस्न्ल लॉ बोर्ड ने जो कम किया है उस उदाहरणीय है । उनहों ने कहा कि हम सब को एकता और एकजुटता के साथ रहना होगा । सभी मजहबी तंजीमे आपस में मिल जुल कर काम करें और देश एवं समाज की सेवा के लिए एक दूसरे की मदद करें । जमीयत उलमा-ए- बिहार के महा सचिव हुस्न अहमद कादरी ने कहा कि देश के सेकुलर और अमन पसंद लोगों को साथ ले कर मजबूत ताकत बनाएँ एवं कानून के दायरे में रह कर  काम करें । हाजी सनाउल्लाह साहब महा सचिव ईदारा शरिया ने कहा कि इमारत शरीया के साथ साथ सभी धार्मिक संस्थाओं को मूल जुल कर मुस्लिम समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए कोशिश करनी चाहिए । शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आज़ाद ने देश में वक्फ कीं सूरत-ए-हाल पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ग्लात्फहमियों को दूर कर के लोगों को वक्फ बोर्ड का साथ देना चाहिए । मौलाना अबुल कलाम शमसी ने कहा कि देश में सांप्रदायिकता फैलाने वाले लोग बक़रईद के मौके से हिन्दू मुसलमानों को लड़ाने की कोशिश कर सकते हैं इस लिए हमें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और कानून एवं संविधान के दायरे में रह कर अपने धार्मिक फर्ज़ को अदा करना चाहिए । अब्दुल कययुम अंसारी अध्यक्ष अंजुमन तरक्की उर्दू बिहार  ने कहा कि पहले भी हज़रत अमीर-ए- शरीयत की क्यादत से पूरे समाज को रौशनी मिली है और आइंदा भी मिलेगी । इस समय मुसलमानों की देशभक्ती पर सवाल उठाया जा रहा है और ऐसे लोग सवाल उठा रहे हैं जिन का इतिहास देश के साथ गद्दारी और अंग्रेजों का साथ देने से भरा हुआ है। इस देश में मुसलमानों को देशभक्ति का प्रमाण देने की कोई आवश्यकता नहीं है इस देश की मिट्टी में हमारे पूर्वजों का खून शामिल है और आज भी आवश्यकता पड़ेगी तो मुसलमान देश के लिए जान देने को हर समय तैयार है । रेहान गनी संपादक उर्दू दैनिक पिनदार ने कहा कि इस समय केंद्र सरकार अपने खुफिया एजेंडे पर काम कर रही है जिस से हम सब को होशियार भी रहना है और रणनीति भी बनानी है चूंकि इमारत शरिया एवं मुस्लिम प्रस्न्ल लॉ बोर्ड की सेवाओं से लोग परिचित हैं और इन दोनों संस्थाओं पर भरोसा करते हैं इस लिए अगर यहां से कोई बात काही जाएगी तो उस का व्यापक असर होगा । रागिब अहसान एडवोकेट ने 1955 के एक्ट के हवाले से बक़रईद के अवसर पर कानूनी दायरे में रह कर एहतियाती कदम उठाने की तरफ इशारा किया । जावेद एकबाल एडवोकेट ने कहा कि हमारे मिल्ली क्यादत मजबूत सतूनों पर खड़ी है उन की रहनुमाई में काम करने की ज़रूरत है । डा0 मौलाना शकील अहमद कासमी ने कहा कि इस समय हम सब को अपने बड़ों के मशवरे पर अमल करना चाहिए । उनहों ने कहा कि जिस तरह जानवरों की हिफाज़त के लिए कानों बना हुआ है उसी तरह इंसान की जान की और इज्ज़त की हिफ़ाज़त के लिए भी कानून मौजूद है । इस बात को समझने की आवश्यकता है । जनाब खालिद साहब एडिटर हमारा समाज ने कहा कि अमीर-ए- शरीयत हज़रत मौलाना सैयद मोहम्मद वली रहमानी को अल्लाह ने अंतर्दृष्टि दी है और अल्लाह ने उन से पहले भी बहुत से काम लिए हैं और हर मामले में उन को कामयाब किया है इस लिए मुसलमानों को उन पर पूरा भरोसा है जो फैसला वह करेंगे हम सब को धैर्य के साथ कबूल करना होगा और किसी तरह की उत्तेजना में नहीं आना चाहिए ।

महफ़ूजुर रहमान साहब मुख्य पत्रकार ई टीवी ने कहा कि सोशल मीडिया के ज़रिए मुसलमान नौजवानों को जोड़ने और उन को सही बात बताने एवं उन के अंदर सकारात्मक सोच पैदा करने की आवश्यकता है । अहमद जावेद संपादक उर्दू दैनिक इंकलाब ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मुल्क के हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि हम सब को कानून एवं संविधान की मर्यादा मे रहते हुए काम करना है । इस के अतिरिक्त मीटिंग में मौजूद और भी लोगों ने अपने सुझाव दिए आखिर में अमीर-ए- शरियत की दुआ पर मीटिंग खत्म हुई ।

इस मीटिंग में सम्मिलित होने वालों में खुर्शीद हाशमी एक्ज़्युकेटिव एडिटर उर्दू दैनिक तासीर, मोहम्मद नूर आलम , सोहेल अहमद कासमी , सोहेल अहमद नदवी , सनाउल होदा कासमी, रिज़्वान अहमद नदवी, नजमूल बारी एडवोकेट, मोहम्मद मतलूब रब, रियाज़ अजीमाबादी, अहमद अली अखतर सेक्रेटरी जमाअत-ए- इस्लामी हिन्द बिहार, मोहम्मद अंवारुल्लाह मुंसिफ़ टी वी पटना , मोहम्मद अज़ीम , डाक्टर वसीम अहमद, सीमाब अख्तर फारूकी तंजीम मोहम्मद सिकंदर जुलकरनैन दैनिक भास्कर पटना  , मोहम्मद फैजुल हसन हमारा समाज अब्दुल बसित नदवी, ज़फ़ीर अहमद बारसोई कटिहार, मसूद जामी इत्यादि के नाम अहम हैं

 

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