*उत्तराधिकारी इमाम अहले सुन्नत हजरत मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी साहब दामत बरकातुहम का एक संक्षिप्त जीवनी*

मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी साहब दामत बरकातुहुम जो एक धर्मगुरू ही नहीं बल्कि समय आवश्यकताओं और परिस्थितियों पर नज़र व राष्ट्रीय मिल्ली शिक्षा सामूहिक संघर्ष के मैदान में सक्रिय और बहुत सक्रिय और गतिशील व्यक्ति होते इंसान हैं इन सब बातों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह यह है कि आपने बातिल के ऐवानो में अहले सुन्नत वल जमाअत का झंडा उठाया है। 1947 में आपने जन्म लिया आपने क़ायदा और नाजरा मदरसा फुरकानिया लखनऊ में पढ़ा उसके बाद एक नेत्रहीन शिक्षक की देखरेख में कुरान हिफ्ज़ याद किया और अरबी फारसी प्रारंभिक किताबें अपने दादाज़ान इमाम अहले सुन्नत हजरत मौलाना अब्दुश्शकूर फ़ारूक़ी लखनवी रहमातुल्लाह अलैही और अपने वालिदे मोहतरम हजरत मौलाना अब्दुससलाम फ़ारूक़ी रहमातुल्लाह अलैही से पढ़ी आपने चौदह साल की उम्र में तरावीह में क़ुरआन सुनाया और नियमित अरबी शिक्षा शुरू की काफया और शरह जामी पढ़कर आप सहारनपुर चले गए मिश्कात पढ़ने के बाद आप दारुल उलूम देवबंद आए इस क़याम में मज़ाहिर उल उलूम सहारनपुर के दौरान मौलाना असदुल्लाह रहमातुल्लाह अलैही साबिक़ नाजिम जामिया मज़ाहिर उल उलूम सहारनपुर से बैअत वारादत का संबंध भी रहा जिससे जीवन में इंक़लाब आया तो दारुल उलूम देवबंद में पूरा अरबी साहित्य और 1971 में लखनऊ वापस आ गए और प्रसिद्ध दीनी दर्सगाह दारुल मुबल्लिगीन में शिक्षण कर्तव्यों का पालन करने लगे 1972 में शादी हुई 1973 में वालिदे मोहतरम के इंतकाल के बाद इदारे का प्रबंधन भी आपके जिम्मा हो गया कुछ वर्षों के बाद दारुल उलूम देवबंद की मजलिस-ए-शूरा में आपका इंतिख़ाब अमल में आया फिर आप फिदाये मिल्लत हजरत मौलाना सैयद असद मदनी रहमातुल्लाह अलैही के हुक्म पर जमीयत उलमा-ए-हिन्द राष्ट्रीय महासचिव मुंतखब हुये और फिदाये मिल्लत हजरत मौलाना सैयद असद मदनी रहमातुल्लाह अलैही की मृत्यु के बाद हज़रत मौलाना सय्यद अरशद मदनी साहब दामत बरकातुहुम के हुक्म पर फिर दौबारा जमीयत उलमा-ए-हिन्द राष्ट्रीय महासचिव मुंतखब हुये
सन 2018 में आपको दारुल नदवतुल उलमा लखनऊ की मजलिसे शूरा में सदस्य के रूप में मुर्शिदुलउम्मत हजरत मौलाना सैयद मोहम्मद राबे हसनी नदवी दामत बरकातुहुम के इमा पर चुना गया।

आपके प्रसिद्ध शिक्षक:
*इमाम अहले सुन्नत हजरत मौलाना अब्दुश्शकूर फ़ारूक़ी लखनवी रहमातुल्लाह अलैही*

*शेखुलहदीस हज़रत मौलाना ज़कारिया कांधलवी रहमातुल्लाह अलैही*

*हज़रत मौलाना असदुल्लाह रहमातुल्लाह अलैही साबिक़ नाजिम जामिया मज़ाहिर उल उलूम सहारनपुर*

*आपके तब्लीगी दौरे :*
*तरीके मदहे सहाबा के सिलसिले में देश-विदेश लगभग पूरे भारत और विदेशों में पूरे खाड़ी, इराक, इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका आदि विभिन्न दौरे किए जिसमें विदेशों के सैकड़ों उलमा-ए-इकराम फायदा उठाया मसलन अमीर हजरत मौलाना हक़ नवाज़ झंगवी रहमतुल्लाह अलैही वगेरा।
*आपकी इल्मी व इन्तजामी सरगर्मियां*

*जमीयत उलमा-ए-हिन्द के महासचिव*

*मजलिस ताहफ़्फ़ुज़ नामूसे सहाबा हिन्द के कौमी सदर दारुल मुबल्लिगीन लखनऊ के मोहतमिम व दारुल उलूम देवबंद व दारुल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ की शूरा के रुक्न ओर उत्तर प्रदेश के अमीरे शरीयत और आप सैकड़ों मदरसों के सरपरस्त भी हैं और अजीमुश्शान तहरीक मदहे कि क़यादत भी आप ही फरमा रहे है*