मध्यप्रदेश सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम- एड्वोकेट अन्सार इन्दौरी

मिल्लत टाइम्स: भोपाल 13 अक्टूबर। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है, यह बयान मानवाधिकार संगठन एनसीएचआरओ(NCHRO) के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एडवोकेट अन्सार इंदौरी ने दिया है।वो एक दिवसीय दौरे पर राजधानी आये थे।अपने प्रेस बयान में उन्होंने बताया कि भोपाल के बैरागढ़ स्थित साईं विकलांग आश्रम और अवधपुरी के मुकबधिर आश्रम से इंदौर सहित अन्य जगह भेजे गए दिव्यांग बच्चे अभी भी परेशान हैं।बच्चों को शिक्षा के इंतिज़ाम किये बिना इधर उधर भेजना बच्चों के मानवाधिकार का हनन है। प्रशासन और सरकार अगर वक्त रहते इन लाचार और शाररिक रूप से कमजोर बच्चों की सही तरीके से देखभाल करती तो आज इन दिव्यांग बच्चों को अपने अधिकारों के लिए परेशान नहीं होना पड़ता।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं । जो चिंता का विषय है। सरकारी नीतियों के चलते प्रदेश का अन्नदाता आत्महत्या करने पर मज़बूर है। व्यापमं घोटाला करके सरकार ने लोगो, खासकर बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरीके से सूचना अधिकार कानून जो जनता को सूचना उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है,

मध्य प्रदेश में इस कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है राज्य का सूचना आयोग अपनी स्थापना के 13 साल बाद भी कई मामलों से जुड़े फैसले और तारीखों की जानकारी लोगों को ऑनलाइन नहीं दे पा रहा है। आयोग से उसकी वेबसाइट के निर्माण और भुगतान से जुड़ी फाइल तीन साल से गायब है। अभी तक न तो पूरी तरह से वेबसाइट का निर्माण हो पाया है और न ही फाइल गायब होने की एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जबकि आयोग ने इस मामले में एफआईआर कराने के निर्णय 2015 में ही ले लिए थे।उन्होंने कहा कि जब तक देश में संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा की गारंटी नहीं होगी और उन अधिकारों के खिलाफ सरकारें अपनी कार्यप्रणाली को नहीं बदलेगी तब तक देश के विकास पर सवालिया निशान लगा रहेगा।कोई भी सरकार जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन करके लंबे समय तक सत्ता में नहीं बनी रह सकती है। मध्य प्रदेश सरकार ने जिस तरीके से छात्रों,मजदूरों,किसानों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया है यह काम मध्यप्रदेश की सरकार को उखाड़ कर फेंक देगा।