पांच देशों के तूफानी दौरे पर मोदी, नाश्ता दिल्ली में, लंच हेरात में, डिनर दोहा में

नई दिल्ली
मिल्लत टाइम्स/abp न्यूज़
३ मई 2016

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से पांच देशों के तूफानी दौरे पर निकल रहे हैं. कल यानी चार जून की सुबह का नाश्ता वो दिल्ली में कर रहे हैं, तो दोपहर का भोजन अफगानिस्तान के हेरात शहर में और रात का खाना कतर की राजधानी दोहा में. जी हां! मोदी कल सुबह साढ़े नौ बजे दिल्ली से रवाना होंगे, दोपहर में हेरात पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अब्दुल गनी से होनी है. वहां लंच करने के बाद वो कतर के लिए रवाना होंगे, जहां शाम में न सिर्फ भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने वाले हैं, बल्कि वहां वो कतर के शासक और वहां के व्यवसायी वर्ग से भी चार और पांच जून के कतर प्रवास के दौरान मिल रहे हैं.

पीएम मोदी का दौरा कितना तूफानी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज छह दिनों के अंदर न सिर्फ वो अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मैक्सिको यानी कुल मिलाकर पांच देशों का दौरा कर रहे हैं, बल्कि इस दौरान पूरे 45 घंटे यानी करीब दो दिनों तक हवाई जहाज में उड़ते रहने वाले हैं अपने इस विदेश दौरे को पूरा करने के लिए. ध्यान रहे कि इन सभी पांच देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनकी औपचारिक मुलाकात भी होनी है इस दौरान. अगर छह दिन की यात्रा के दौरान होने वाले पीएम के कुल आधिकारिक कार्यक्रमों की बात की जाए, तो ये संख्या चालीस के करीब हो जाती है यानी औसतन सात कार्यक्रम प्रति दिन.

ये कार्यक्रम भी तरह-तरह के हैं. एक तरफ मोदी जहां दोहा और वॉशिंगटन डीसी में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ मुलाकात करने वाले हैं, तो दूसरी तरफ कतर, अमेरिका और मैक्सिको में वहां के स्थानीय व्यवसायियों और उद्योगपतियों के साथ.

मोदी अपनी विदेश यात्रा की शुरुआत हेरात से करने वाले हैं, उसका मकसद खास है. दरअसल मोदी वहां सलमा डैम के उदघाटन के कार्यक्रम में शरीक होने वाले हैं, जिसका निर्माण भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से हुआ है. हेरात के बाद कल शाम ही मोदी दोहा में होंगे. परसों का दिन भी वहीं बीताकर वे स्विटजरलैंड के लिए रवाना होंगे, जहां छह तारीख को बर्न में उनकी मुलाकात वहां के शासनाध्यक्ष से होनी है, जिसे कालाधन पर रोकथाम के सिलसिले में उनकी मुहिम के तौर पर देखा जा रहा है.

मोदी सात तारीख को अमेरिका में होंगे, जहां वो राजकीय मेहमान के तौर पर वाशिंगटन डीसी के ब्लेयर हाउस में रहेंगे. प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें लगी होंगी. एक तरफ जहां वो अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ उनके ओवल ऑफिस में सात जून को लंच के साथ ही द्विपक्षीय बातचीत करने वाले हैं, वही अगले दिन यानी आठ जून को वहां की कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद को संबोधित करने वाले हैं. अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करने वाले मोदी पांचवें भारतीय प्रधानमंत्री होंगे.

मोदी इससे पहले बतौर प्रधानमंत्री पिछले दो वर्षों में अमेरिका का तीन बार दौरा कर चुके हैं. उनकी पहली यात्रा सितंबर 2014 में, तो दूसरी यात्रा सितंबर 2015 में और तीसरी इसी साल 31 मार्च से एक अप्रैल के बीच हुई थी, जब वो न्यूक्लियर सिक्यूरिटी सम्मिट में भाग लेने के लिए अमेरिका गये थे. पहले की तीनों यात्राएं अंतरराष्ट्रीय बैठकों के सिलसिले में हुई थीं, तो ये चौथा दौरा पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने के लिए होने वाला है.

मोदी नौ तारीख को मैक्सिको में होंगे, जहां की राजधानी मैक्सिको सिटी में ही उनकी मुलाकात वहां के शासनाध्यक्ष से होनी है. ये मोदी के पांच देशों के दौरे का आखिरी आधिकारिक पड़ाव होगा. इसके बाद उनकी विदेश से वापसी का सिलसिला शुरु होगा और जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में टेक्नीकल स्टॉप के साथ ही दस जून की सुबह पांच बजे के करीब वो नई दिल्ली पहुंच जाएंगे. इस तरह महज छह दिनों के अंदर मोदी का पांच देशों का तूफानी विदेश प्रवास पूरा हो जाएगा. खास बात ये है कि मोदी पहले भी ऐसा तूफानी दौरा करते रहे हैं, जिसमें वो एक तिहाई समय विमान में होते हैं, तो दो तिहाई समय आधिकारिक कार्यक्रमों में एक के बाद एक शिरकत करने में. उनका मौजूदा दौरा भी इसी कड़ी में है और पहले के मुकाबले कुछ ज्यादा ही तूफानी

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