चीन के साथ किसी प्रकार का विवाद नही चाहता है भारत

जानकारी के मुताबिक भारत बातचीत के जरिए चीन को ये बताना चाहता है कि वो सिक्किम सीमा पर सिर्फ यथास्थिति बरकरार रखना चाहता है। ऐसे में जानकार जिन संभावनाओं की तरफ इशारा कर रहे हैं उसके अनुसार क्या भारत बातचीत और समझौते के जरिए चीन से संभावित युद्ध किसी भी हालत में टालने की कोशिश में है।

-क्या इसके लिए चीन के सड़क बनाने से पीछे हटने का आश्वासन काफी रहेगा?

-क्या इस आश्वासन के बाद भारत अपनी सेनाएं पीछे बुला सकता है?

बाताया गया है कि ज्यादातर विपक्षी दलों ने बैठक में सरकार के स्टैंड से अपनी सहमती जताते हुए सीमा पर यथास्थिति बहाल करने की मांग की है। सरकार ने उम्मीद जताई कि अस्ताना में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी ने तय किया था कि दोनों देश किसी भी मतभेद को विवाद नहीं बनने देंगे। सरकार ने उम्मीद जताई कि इसी सिद्धांत पर मौजूदा गतिरोध का समाधान ढूंढा जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जल्द ही BRICS देशों से जुड़े कार्यक्रम के लिए चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। डोभाल 27-28 जुलाई को बीजिंग में होंगे।

SHARE
M Qaisar Siddiqui is a young journalist and editor at Millat Times