दारुल उलूम देवबंद के नाम एक और फतवा मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ मीडिया में चर्चा, जानिए पुरा सच

दारूल उलूम देवबंद ने इस तरह का कोई भी फतवा जारी नहीं किया है, यह दारुल-उलूम देवबंद को बदनाम करने की एक साजिश है और न ही मुफ्ती इसहाक गौड़ा का दारुल उलूम देवबंद से कोई संबंध है जिन्हें इस खबर में दारुल उलूम देवबंद का मुफ्ती बताया गया है: मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी

नई दिल्ली ,(मिल्लत टाइम्स)
एशिया की महान दर्सगाह और भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाला मदरसा दारुल उलूम देवबंद हमेशा किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहता है, हाल के दिनों में वहाँ से जारी होने वाले फतवे के आधार पर इसे निसाना बनाया जाने लगा है, आज एक बार फिर दारुल उलूम देवबंद से मिले एक समाचार के कारण मीडया मे चर्चा बनी हुई है जिसमें बताया गया है कि दारूल उलूम देवबंद ने अपना फतवा जारी करके कहा है कि मुस्लिम महिलाओं के लिए नेल पॉलिश का उपयोग करना हराम है क्योंकि यह गैर इस्लामी है, उन्हें मेहंदी का उपयोग करना चाहिए। यह समाचार न्यूज 18 उर्दू साइट ने इसे अपने यहां प्रकाशित किया है, इसके अलावा रोज़नामा खबरें और कई अन्य अखबारों ने भी अपने यहां प्रकाशित किया है। दूसरी ओर दारूल उलूम देवबंद ने ऐसे किसी भी फतवे से इनकार किया है

मिल्लत टाइम्स से बात करते हुए दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि दारुल उलूम देवबंद ने इस तरह का कोई भी फतवा जारी नहीं किया है, यह दारुल-उलूम देवबंद को बदनाम करने की साजिश है और न ही मुफ्ती इसहाक गौड़ा का दारुल उलूम देवबंद से कोई संबंध है जिन्हें इस समाचार में, दारूल उलूम देवबंद के कथाकार का मुफ्ती बताया गया है।

मिल्लत टाइम्स ने इस खबर की जांच की तो पता यह चला कि सबसे पहले प्रसिद्ध समाचार एजेंसी एएनआई ने अपने ट्विटर हैंडल पर मुफ्ती इसहाक गौड़ा को दारुल उलूम देवबंद का मुफ्ती बताते हुए यह खबर शेयर कि “के दारुल उलूम देवबंद ने मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ एक फतवा जारी किया है जिसके अनुसार नेल पॉलिश का उपयोग करना हराम है , उन्हें अपने नाखूनों में केवल मेंहदी उपयोग करने की अनुमति है, मुफ्ती इसहाक गौड़ा दारुलउलूम देवबंद “।

मिल्लत टाइम्स ने इस संबंध में मुफ्ती इसहाक गौड़ा से संपर्क करके जानने की कोशिश की के दारुल उलूम देवबंद का मुफ्ती उन्हें क्यों और किस आधार पर ANI ने लिखा तो उन्होंने कुछ भी जवाब दिए बिना कहा की दस मिनट बाद कॉल कीजिए और उसके बाद मिल्लत टाइम्स का फोन उठाना बंद कर दिया .मिल्लत टाइम्स एएनआई के कार्यालय से भी यह जानने की कोशिश की मुफ्ती इसहाक गौड़ा के बयान को दारुल उलूम देवबंद से कैसे जोड़ा गया है और उन्हें किस आधार पर दारुल उलूम देवबंद का मुफ्ती बताया गया है तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। मुफ्ती इसहाक गौड़ा का संबंध सहारनपुर जिले से है, और एक NGO के जिम्मेदार है अतः दारूल उलूम देवबंद से इनका किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है