प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता कि वे गाली-गलौज की भाषा बोलें:पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

मिल्लत टाइम्स, भोपाल: मध्य प्रदेश में होने वाले आगमी विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए आज भोपाल पहुंचे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी पर जमकर हमला बोला. लेकिन साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि 2014 में पीएम मोदी को देश के लिए डिजास्टर कहना काफी कड़वा या कठोर था और वह इसे अब कभी नहीं दोहराना चाहेंगे. बता दें कि 2014 में चुनाव से पहले अपने आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनमोहन सिंह ने कहा था कि अगर नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन जाते हैं तो यह देश के लिए डिजास्टर होगा

जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या पीएम मोदी देश के लिए डिसास्टर साबित हुए जैसा कि उन्होंने 2014 में कहा था. इस सवाल के जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा “अब मैं मानता हूं कि मैंने 2014 में एक कठोर शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे मुझे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था. मैं इसे दोहराना नहीं चाहता हूं.”

पूर्व प्रधानमंत्री ने नोटबंदी और राफेल समेत कई मुद्दों को लेकर पीएम मोदी पर हमला भी किया. मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी पर जनता से वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया.

मनमोहन सिंह से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दाैरान नोटबंदी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा और इसे एक संगठित लूट करार दिया. उन्होंने कहा, ” मैने नोटबंदी को लेकर अपनी राय संसद में रखी थी. मेरी साफ राय है कि ये संगठित लूट थी.”

क्या मोदी प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बरकरार रख पा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी प्रधानमंत्री पद का ठीक इस्तेमाल नहीं कर रहे है. प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता कि वो गाली-गलौज की भाषा बोलें या विरोधियों की सरकार पर बरसें.

वहीं राफेल के मुद्दे पर पूर्व पीएम ने कहा, ”देश के लोग राफेल सौदे पर संदेह की स्थिति में हैं. विपक्ष और विभिन्न समूह संयुक्त संसदीय समिति की मांग कर रही हैं लेकिन मोदी सरकार इसके लिए तैयार नहीं है. इससे पता लगता है कि दाल में कुछ काला है.”

वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी सरकार रिमोट कंट्रोल से चलती थी. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार रिमोट से चलने वाली सरकार नहीं थी. उन्होंने कहा,”मेरी सरकार रिमोट से नही चलती थी. हमारी सरकार औऱ पार्टी दोनों के बीच मतभिन्नता नही थी औऱ सरकार की सफलता की वजह भी यही थी.”

इससे पहले भोपाल में चुनाव प्रचार करते हु्ए मनमोहन सिंह ने कहा, “शिवराज सिंह चौहान इस बात की गवाही देंगे कि मेरी पूर्ववर्ती सरकार ने मध्यप्रदेश से कभी भेदभाव नहीं किया. मोदी सरकार जनता से किए वादे निभाने में नाकाम रही है. किसान कर्ज के बोझ से दबे हैं, उन्हें फसल का उचित दाम नहीं मिल पा रहा.” उन्होंने कहा मोदी सरकार का हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा सिर्फ जुमला बन कर रह गया है.

आपको बता दें कल पीएम मोदी ने रीवा में एक रैली में कहा था कि कांग्रेस के अहंकार को समाप्त करने के लिये जरूरी है कि कांग्रेस का एक भी नुमाइंदा नहीं जीत पाए. रीवा में बीजेपी के समर्थन में चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”मैं आपसे आग्रह करने आया हूं कि कांग्रेस का एक भी नुमाइंदा जीतना नहीं चाहिये.” मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को मतदान होने हैं. जिनका परिणाम 11 दिसंबर का आएंगे.