सुशासन बाबू के शिवहर विधायक व बिहार अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष मोहम्मद सर्फुद्दीन के सड़क की स्थिति दयनीय

मिल्लत टाइम्स,
शिवहर,
२५/०९/२०१६
ज़ाहिद तनवीर टैमी की रिपोर्ट

आज शिवहर विधायक मोहम्मद सर्रफुद्दीन जो बिहार अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष भी हैं के पैतृक गांव, महुअवा से गुज़र रहा था। गांव से गुजरने वाली लगभग एक किमी की सड़क को पार करने में जो दुर्दशा हुई उसका हाल ब्यान करने की जगह फ़ोटो ही साझा करना ज़रूरी समझता हूँ ,ये सभी बातें समाजसेवी व पूर्व चिरैया विधानसभा प्रत्याशी तनवीर आलम ने बताया! अगर आप बिहार के ऐसे गांव से गुज़रे होंगे तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं की मेरे जैसा नौसिखिया मोटरसाइकिल चलाने वाले का क्या हश्र हुआ होगा। इस गांव में रहने वाले लोगों का जीवन नारकीय है। मैंने कइयों से पूछा भी, विधायक जी को क्यों नहीं बोलते बनवाने को, जवाब मिला ‘अपना दुरा (दरवाज़ा) के सामने का बनवा नहीं पाये, पूरी सड़क क्या बनवायेंगे। ज्ञात हो की इसी गांव और सड़क पर वरिष्ट समाजवादी नेता मोहम्मद ज़फ़ीर आलम साहेब का भी घर है और यही सड़क 2 बार सांसद और 27 साल लगातार विधायक और मंत्री रहे कद्दावर नेता पंडित रघुनाथ झा जी के गांव को भी जाती है। तब भी इस सड़क का विकास नहीं हुआ आखिर जनता क्या करेगी?अतः जनता ही अपने हक को मांगने से डरती है जिसका हस्र यह होता है कि हम पिछड़े रह गए हैं! असल दोषी विधायक कम, जनता अधिक है। जनता संवेदनहीन है। अरे भाई, आपलोगों ने वोट जिस जोश से दिया था, उसी रोब से सवाल क्यों नहीं पूछते ? विधायक का घेराव क्यों नहीं करते? जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है, इस बात का एहसास क्यों नहीं दिलाते ? उसको अपने वोट का डर क्यों नहीं दिखाते ? और अगर ऐसा करने पर भी नेता काम नहीं करता तो उसको गद्दी से क्यों नहीं उतारते ? जनता जनार्दन, सोते रहोगे तो मिलेगा बाबा का ठुल्लु।