कामन सिविल कोड पर फिरको में बटे मुसलमानों के एक होने से मोदी सरकार सकते में

डाक्टर जाकिर नाईक और तीन तलाक पर मुसलमानों के एक हिस्से से समर्थन पाने वाली मोदी सरकार कामन सिविल कोड पे अपने क़दम आगे करते ही मुस्लिम समाज में किसी भी वर्ग से समर्थन ना पाने पर भाजापा सरकार सकते में है .

आपको बता दे डाक्टर जाकिर नाइक के मामले पर सरकार को मुसलमानों के बड़े हिस्से का समर्थन मिला था खासकर शिया समुदाय और बरेलवी मसलक से सरकार को ठीक ठाक समर्थन हासिल हुआ था .

जाकिर नाइक मामले पर मुस्लिम समाज में खायी तलाश करने में कामयाब हुयी केंद्र सरकार ने इसके बाद तीन तलाक पर अपने क़दम बढाये यहाँ पर मोदी सरकार को जाकिर नाइक के मसले जैसा समर्थन तो हासिल नही हुआ लेकिन आल इंडिया महिला पर्संनल ला बोर्ड के अलावा शिया समुदाय का समर्थन इस आधार पे हासिल हुआ था क्युकि उनकी मान्यता तीन तलाक पर अलग थी ऐसा ही मान्यता अहले हदीस में भी है .

इससे उत्साहित मोदी सरकार ने जैसे ही कामन सिविल कोड पे अपने क़दम बढाये वैसे ही फिरको में बटे मुसलमान एक हो गये है ,सुन्नी के विभिन्न मसलक और शिया कामन सिविल कोड पर सरकार के नजरिये का सीधा सीधा विरोध कर रहे है .

यहाँ तक कि आल इंडिया मुस्लिम महिला पर्संनल ला बोर्ड भी विरोध में उतर आया है .

मुस्लिमो के मौजूदा रुख से सरकार की परेशानी इसलिए बड गयी है –

मोदी सरकार कामंन सिविल कोड मुस्लिम महिला द्वारा अधिकारों की मांग बता के ज़रूरी बता रही थी लेकिन जब मुस्लिम महिलाए ही कामन सिविल कोड के खिलाफ उतर आई है तो फिर सरकार का ये तर्क अपने आप कुतर्क बन गया है .

सरकार के सामने ये भी परेशानी है अगर किसी तरह कामन सिविल कोड बना दिया गया तो फिर मुस्लिम समाज में इसे लागू कैसे करवाया जाएगा क्युकी व्यक्तिगत मसले जोर ज़बरदस्ती से लागू नही हो सकते है इसलिहाज़ से लागू करने पर भी कामन सिविल कोड अप्रभावी रहेगा .
इस मसले पर मुस्लिमो का एकजुट होना चुनावों में मुस्लिमो का एकमुश्त वोट भाजपा के विरोध में जाने की संभावना बना रहा है अब भाजपा इस बात का विश्लेषण कर रही है यदि मुस्लिम एकजुट होगा तो उसे हिन्दू का वोट कितना एकमुश्त पड़ेगा क्युकी लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र ,हरियाणा के बाद सिर्फ असम में भाजपा एकमुश्त हिन्दू वोट पा सकी है वही बिहार ,दिल्ली में पार्टी बुरी तरह नाकाम हुयी थी जिसकी वज़ह हिन्दू जनमानस में पार्टी की कमी को दर्शाता है .source:headline24