जामिया मुशायरा: शहीद अशफ़ाकुल्लाह की महफिल में इमरान प्रतापगढ़ी ने उकेरा मिन्हाज और नजीब का दर्द

22 अक्टूबर को शहीद अशफ़ाकुल्लाह को याद करते हुए राजधानी दिल्ली के जामिया नगर में कुल हिंद मुशायरें का आयोजन किया गया। इस मुशायरे में दिल्ली सरकार के मंत्री सहित तमाम शायर मौजूद रहे। इसका आयोजन जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के अंसारी ग्राउंड में किया गया।

इस महफिल में मौजूद तमाम शायरों में युवा शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने अपना अलग रंग बिखेरा। पिछली साल दादरी के अख़लाक के परिवार का दर्द बयां करके महफिल को रोने पर मजबूर कर देने वाले युवा शायर ने इस बार भी शहीद अशफ़ाकुल्लाह की महफिल में एक बार फिर जेएनयू के लापता छात्र नजीब की मां के आंसू और झारखंड के मिन्हाज की दर्दनाक मौत पर दर्द उकेरती हुई नज्में पढ़ी।

नजीब की मां के दर्द को बयां करते-करते आंसुओं को रोक नहीं पाए इमरान

उसे लेकर वापस चली जाउंगी मैं

पलटकर कभी भी नहीं आउंगी मैं

वो मेरे बुढ़ापे का सहारा है

वो बिछड़ा तो जिंदा मर ही जाउंगी मैं

वो है नौ दिन से लापता लेके आए कोई है जो उसका पता लेके आए

मिन्हाज पर नज्म

आज मेरी कल आपकी भी आएगी बारी

बोल रहा हूं झारखंड से में मिन्हाज अंसारी बोल रहा हूं

मेरे नाम में मीम जुड़ा है ये मेरा कुसूर हुआ है

इसलिए मुझे मौत के घाट उतार दिया गया है

रघुवर दास की पुलिस बनी मेरी हत्यारी बोल रहा हूं

मैं झारखंड से मिन्हाज अंसारी बोल रहा हूं।