National, Opinion

नज़रियाः जब दलितों, मुसलमानों को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया जाता है तब गुस्सा क्यों नहीं आता?

हज़ारों दलित, मुसलमान एवं पिछड़े समाज के लोगों का विगत एक साल में फ़र्ज़ी एनकाउंटर किया गया जिसमें से लगभग

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