नई दिल्ली 7 जून। ।महाराष्ट्र पुलिस द्वारा माओवादियों से जुड़ाव का आरोप लगाते हुए तीन अलग-अलग शहरों से पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के खिलाफ आज राजधानी दिल्ली में संसद मार्ग पर विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए
*मनावाधिकार संगठन एनसीएचआरओ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य एड्वोकेट अन्सार इन्दौरी* ने कहा कि सरकार समाज के दबे कुचले तबके के लिए काम कर रहे लोगों को निशाना बना रही है। गिरफ्तार किये गये लोगों में वरिष्ठ दलित कार्यकर्ता और राजनीतिक पत्रिका विद्रोही के संपादक सुधीर धावले, वरिष्ठ मानवाधिकार वकील सुरेंद्र गाडलिंग, सामाजिक कार्यकर्ता महेश राउत, नागपुर यूनिवर्सिटी की शोमा सेन और दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता रोमा विल्सन हैं। उन्होंने कहा कि
इन सभी लोगों पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून [यूएपीए- Unlawful Activities Prevention Act] की धाराएं लगायी गयी हैं। ये काला कानून सरकारी अत्याचार का बड़ा इतिहास रखता है।गिरफ्तार किये गए पांचों व्यक्ति सामाजिक रूप से सक्रिय हैं, और वर्तमान सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं।
बुधवार को हुई इन गिरफ्तारियों से सरकार के तरीके पर कई सवाल खड़े हैं।
प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों ने सवाल किया है कि क्या सरकार भीमा कोरेगांव हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।प्रदर्शनकारियों में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वकील,पत्रकार,सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद शामिल थे।
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