मिल्लत टाइम्स,कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल में अमित शाह की रथ यात्रा निकालने के लिए भाजपा को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष शाह की यात्रा 7 दिसंबर से कूच बिहार से शुरू होने वाली थी। यह बंगाल के 24 जिलों से गुजरने वाली थी। हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 9 जनवरी तय की है। तब तक भाजपा को किसी भी तरह की रथ यात्रा निकालने से रोक दिया है।
राज्य सरकार और भाजपा ने दलीलें दीं
भाजपा ने बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कहा था कि पुलिस और राज्य प्रशासन रथ यात्रा निकालने की पार्टी की अर्जियों पर कोई जवाब नहीं दे रहा है। लिहाजा, कोर्ट इस मामले में निर्देश जारी करे। हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए कहा कि हम उन 24 जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट पर गौर करेंगे जहां से यह रथ यात्रा निकाली जानी है।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से कहा कि भाजपा की प्रस्तावित रथ यात्रा से बंगाल के जिलों में साम्प्रदायिक तनाव फैल सकता है। वहीं, भाजपा ने जस्टिस तपव्रत चक्रवर्ती की बेंच से कहा कि हम शांतिपूर्ण यात्राएं निकालेंगे।
हाईकोर्ट ने इस पर पूछा कि अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इस पर भाजपा की तरफ से पेश वकील अनिंद्य मित्रा ने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण यात्रा निकालेगी लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
सुनवाई से पहले पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर दल को अपने कार्यक्रम करने की आजादी है। इन कार्यक्रमों को रोकना सरकार का काम नहीं है। अगर प्रशासन हमें रोकता है, तब भी हम अपना कार्यक्रम जारी रखेंगे। यात्रा निकलेगी और अपने गंतव्य तक जाएगी।
40 दिन तक 294 सीटों कवर करने की योजना
भाजपा की योजना थी कि शाह की रथ यात्रा के जरिए 40 दिन में 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाए। इस यात्रा में तीन एसी बसें होंगी। शुक्रवार को कूच बिहार से, रविवार को काकद्वीप से और 14 दिसंबर को तारापीठ से इन्हें रवाना किए जाने की योजना थी।
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