नई दिल्ली: दशहरा के मौके पर पंजाब के अमृतसर में एक बड़ा हादसा हुआ है. यह हादसा जौड़ा फाटक के पास तब हुआ जब लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर दशहरे के जश्न में डूबे थे, तभी पटरियों की दोनों तरफ से ट्रेनें आ गई, जिसने कई लोगों की जान ले ली है.
इस हादसे में लगभग 50 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हो गए हैं. इस हादसे के बाद चश्मदीदों में काफी गुस्सा हैं. उनका मानना है कि यह हादसा प्रशासन की लापरवाही से हुई है. चश्मदीदों ने कहना है कि जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त वहां 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे. मरने वालों में ज्यादातकर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे हैं.
इस हादसे के एक चश्मदीद ने कहा, ” इस हादसे के लिए पूरी तरह प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार है. जब ट्रेन आ रही थी तो उन्हे अलार्म बजाना चाहिए था. साथ ही उन्हें इस बात को भी सुनिश्चित करना चाहिए था कि ट्रेन की स्पीड वहां तेज न हो”. एक अन्य चश्मदीद ने कहा,”ऐसा मंजर 1947 में था, जब कुछ लाशें इधर पड़ी थीं, और कुछ उधर”
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