हैदराबाद_(सबनवाज अहमद/मिल्लत टाइम्स)जिस यूनिवर्सिटी को उर्दू से पहचान है, जिसकी बुनियाद ही उर्दू हो, जहाँ उर्दू विषय के बिना नामांकन नही मिल पाता है, जहाँ की तराना भी हर लफ्ज़ में उर्दू की महक देता है, उस यूनिवर्सिटी में “उर्दू दिवस” का न मनाया जाना एक सवालियां निशान खड़ा करता है,
आपको बताते चालू उर्दू के सबसे बड़े शायर और फलशफी अल-लामा डॉक्टर सर मोहम्मद इक़बाल के जन्मदिन के मौके पर पूरे दुनिया मे उर्दू दिवसः मनाया जाता है,
लेकिन हिंदुस्तान की एक ही उर्दू यूनिवर्सिटी की हैसियत रखने वाली मौलाना आज़ाद नैशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में “उर्दू दिवस”नही मनाया जाता है,
इस मुद्दे पर मानु छात्र संघ अध्यक्ष मोहम्मद फैज़ान से पर बात करने पर बताया कि यूनियन ने पूरी कोशिश की थी कि उर्दू दिवस मनाया जाय , लेकिन इस मौके पर किसी तरह के प्रोग्राम का आयोजन नही किया , जब हमने एडमिन से बात किया तो उन्होंने ने आज़ाद वाक को “उर्दू दिवस” का हिस्सा बताया जबके आज़ाद वाक “आज़ाद दिवस सप्ताह” का हिस्सा है,
चन्द छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर, इसपर अफसोस जताया , जिसमे मानु के छात्र अज़मत रजा, सैफुर रहमान, मोहम्मद आरजू ने पोस्ट के जरिये लिखा कि ये हमारे हमारे लिए बेहद ही अफसोसजनक , और शर्मिंदगी की बात है कि उर्दू यूनिवर्सिटी में ही उर्दू दिवस नही मनाया जाता है,
इस मौजू पर बात करने पर चन्द छात्रों ने बताया कि आगे आने वाले सालो में हमसभी छात्र मिल कर इंतेजामिया से “उर्दू डे” मानने की मांग करेंगे और अगर इंतेजामिया नही मानती है तो हम मानु छात्र उर्दू दिवसः को मनाएंगे क्योकि उर्दू से हमे भरपूर मोहब्बत है, इसलिए इसे जिंदा रखने की हर मुमकिन कोशिश करेंगे।
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