एनसीएचआरओ का जयपुर में सेमीनार सम्पन्न

M Qaisar Siddiqui

M Qaisar Siddiqui

25 October 2018 (Publish: 09:47 AM IST)

जयपुर। एनसीएचआरओ राजस्थान ईकाई के तत्वाधान में आज राजधानी जयपुर में एक सेमिनार आयोजित किया गया। *राजस्थान में मानवाधिकारों की स्थिति* विषय पँर आयोजित इस सेमिनार में प्रदेश भर से अधिकार के लिए कार्ये करने वाले व्यक्ति शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक़्ता सुप्रीम कोर्ट के वकील बहार यू बरकी ने कहा कि आज देश में मानवाधिकारों की स्थिति चिंताजनक है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें है उन राज्यों में स्थिति दर्दनाक है।आज फासीवाद खुले रूप में देश के संस्थानों में देखा जा सकता हैं। राजस्थान में मानवाधिकार आयोग में केसों की पेंडेंसी इस सूबे में मानवाधिकार की स्थिति को जग जाहिर करती है।कार्यक्रम में बोलते हुए संगठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य एड्वोकेट सैफान शेख़ ने संगठन के कार्यों और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने संगठन के मानवाधिकार हनन के खिलाफ किये जा रहे कार्यों की सराहना की साथ ही कहा कि राजस्थान में

एनसीएचआरओ को जहां जैसी भी मदद की आवश्यकता होगी,हम लोग मदद करेंगे। इस मौके पर सचिव शब्बीर खान ने संगठन की वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की। सेमीनार को संबोधित करते हुए जस्टिस टी. सी. राहुल ने कहा कि देश में बनी सरकारे हमेशा से कमज़ोर तबकों के अधिकारों के हनन की दोषी रही है। देश की सुस्त न्याय प्रणाली लोगों के अधिकारों को कमज़ोर करने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि आज सभी उपेक्षित तबकों को चाहिए की एकजुट होकर हक अधिकार के लिए लड़ें। कार्यक्रम में बोलते हुए दिल्ली से आये एनसीएचआरओ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य एड्वोकेट अन्सार इन्दौरी ने कहा कि देश में आज जिन वर्गों का सबसे ज़्यादा मानव अधिकार हनन हो रहा है उनमें आदिवासी,दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग है। दूसरी तरफ इस हनन को करने वाले वर्गों को देखा जाए तो वो फासीवादी,मनुवादी और ब्राह्मणवादी विचारधारा के समर्थक है। उन्होंने भोपाल और यूपी के एन्काउन्टरों को जातीय साम्प्रदायिक हिंसा का ही रूप बताया।

वंचित वर्गों के अलावा सरकार अपनी मशीनरी का इस्तिमाल करके उन लोगो की आवाज़ों को भी बंद करना चाहती है जो लोग इन दबे कुचले तबके के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।अभी हाल ही में देशभर में हुई सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी इसकी बड़ी मिसाल है।वकील,पत्रकार,साहित्यकार और मनावाधिकार कार्यकर्ताओं को सरकार ने निशाना बनाया है।एनसीएचआरओ के प्रदेश सचिव एड्वोकेट ऐतिमाद अजमेरी ने प्रस्ताव पढ़े और उपस्थित सभी श्रोताओं ने हाथ उठा कर इसका समर्थन किया।सेमीनार की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस आर. के.आकोदिया ने कहा कि संगठन ने सीमित संसाधनों के बावजूद बहुत सरहानीय काम किये हैं।उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के हनन को रोकने के लिए कार्य करना आज के समय में सबसे बड़ा सामाजिक कार्य है।अंत में प्रदेश महासचिव मोहम्मद हनीफ ने सभी लोगों का धन्यवाद किया।कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ बरकतुल्ला ने किया।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times
Scroll to Top