पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने शॉल से चेहरा ढककर अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट पहुंच,किया सरेंडर

M Qaisar Siddiqui

M Qaisar Siddiqui

20 November 2018 (Publish: 03:43 PM IST)

मिल्लत टाइम्स: बिहार आर्म्स एक्ट के मामले में आरोपित चेरियाबरियारपुर की विधायक और बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहीं कुमारी मंजू वर्मा ने मंगलवार को मंझौल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। दिन के 11: 10 बजे वह छुपते-छुपाते एसीजेएम कोर्ट पहुंचीं। कोर्ट ने उन्हें 11 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेगूसराय मंडल कारा भेज दिया है। अब एक दिसंबर को पूर्व मंत्री व उनके पति चंद्रशेखर वर्मा की एक साथ कोर्ट में पेशी होगी। वहीं मंजू वर्मा के सरेंडर को लेकर पुलिस मुख्यालय रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट को भेजा जाएगा।

इससे पहले कोर्ट स्थित इजलास रूम में पहुंची मंजू वर्मा बेहोश हो गईं। वहां दो महिला अधिवक्ताओं ने उन्हें संभालकर बेंच पर बैठाया। बाद में आर्म्स एक्ट मामले के आईओ सह चेरियाबरियारपुर थानाध्यक्ष रंजीत रजक ने जेल के डॉक्टर राहुल कुमार को बुलाकर उनका चेकअप कराया। डॉ. राहुल ने बताया कि इनकी तबीयत पहले से खराब चल रही है। इजलास रूम से निकलने के बाद पूर्व मंत्री ने अपने चेहरे को चादर से ढंक लिया था। वहां से पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कैदी वाहन में पहुंचाया। सरेंडर करने के डेढ़ घंटे बाद कोर्ट हाजत प्रभारी मनोरंजन सिंह ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जेल पहुंचाया।

इस बीच मीडिया, पुलिस व समर्थकों में काफी धक्कामुक्की भी हुई। पत्रकारों ने पूर्व मंत्री से कुछ सवाल पूछने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने मौका नहीं दिया। बताया गया कि मंजू वर्मा की तबीयत खराब है। विदित हो कि मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड की सीबीआई जांच शुरू होने के बाद कॉल डिटेल में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चन्द्रशेखर वर्मा का नाम आया था। इसी आधार पर सीबीआई ने अर्जुन टोल स्थित उनके घर पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान 50 राउंड कारतूस बरामद हुए थे। इसी मामले में सीबीआई के डीएसपी उमेश कुमार ने मंजू वर्मा व चन्द्रशेखर वर्मा को आरोपित बनाते हुए स्थानीय थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। चंद्रशेखर वर्मा ने बीते 29 अक्टूबर को सरेंडर कर दिया था, जबकि मंजू वर्मा फरार थीं। मंजू वर्मा की गिरफ्तारी नहीं होने पर सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए 27 नवम्बर तक गिरफ्तारी नहीं होने पर डीजीपी को हाजिर होने का आदेश दिया था।

पुलिस दबिश के चलते किया सरेंडर : एडीजी
एडीजी मुख्याल एसके सिंघल ने कहा कि मंजू वर्मा ने पुलिस दबिश के चलते सरेंडर किया है। पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही थी। बिहार के अलावा हैदराबाद, दिल्ली समेत कई शहरों में छापेमारी की गई थी। पटना एयरपोर्ट प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया था। एडीजी के मुताबिक उनकी चल संपत्ति को जहां कुर्क किया गया था वहीं मंगलवार को पुलिस उनके बैंक खातों को फ्रीज करनेवाली थी। यदि इसके बाद भी वह सामने नहीं आतीं तो हम उनकी अचल संपत्ति को भी जब्त करते।

नेपाल में छुपकर गिरफ्तारी से बचती रहीं मंजू वर्मा
गिरफ्तारी से बचने के लिए मंजू वर्मा नेपाल में छुपी थीं। सूत्रों के मुताबिक वह नेपाल में अपने एक करीबी रिश्तेदार के यहां थीं। जब उनके पास बचने का कोई चारा नहीं रहा तो उन्होंने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने से दो-तीन दिन पहले वह बेगूसराय पहुंच गई थीं।

बताया जाता है कि करीबी लोगों से बातचीत कर उन्होंने सरेंडर की तैयारी की और मंगलवार को मंझौल कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। वैसे एक आला पुलिस अधिकारी के मुताबिक मंजू वर्मा इतने दिनों तक कहां रहीं इसकी पुलिस छानबीन करेगी। पनाह देनेवालों के खिलाफ साक्ष्य मिलता है तो कार्रवाई होगी।
मुजफ्फरपुर कांड:पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के प्रतिनिधि पुलिस हिरासत में

बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का नाम आया था। इसके बाद सीबीआई ने पूर्व मंत्री के चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र की श्रीपुर पंचायत के अर्जुन टोल स्थित आवास पर 17 सितंबर को छापेमारी की थी। इसमें सीबीआई टीम ने उनके आवास से 50 कारतूस बरामद की थी। इस मामले में चेरियाबरियारपुर थाने में सीबीआई के अधिकारी ने पूर्व मंत्री और उनके पति के खिलाफ आर्म्स एक्ट में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

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